शादीशुदा महिला के शादी से इनकार पर जिंदा जलाया, कोर्ट ने आजीवन कारावास की सुनाई सजा

जिला एवं सत्र न्यायाधीश धर्म सिंह ने महिला पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगाने दोषी पवन मिश्रा को आजीवन कारावास तथा अर्थदंड की सजा सुनाई। प्रकरण में सरकार की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कुलदीप सिंह बर्त्वाल ने की।

घटना के बारे जानकारी देते हुए बताया कि मृतका अपने पति के साथ डुंग्री में दो बच्चों के साथ रहती थी। दोषी पवन मिश्रा की भी उसी गांव का रहने वाला था। 16 जनवरी 2018 को मृतका का पति अपने ससुराल से डुंग्री आया।

उसने रास्ते से अपने बच्चों व पत्नी को चाभी देकर घर भेज दिया तथा वह स्वयं बाजार में सब्जी लेकर आने के लिए कहकर रुक गया। जब मृतका व उसके बच्चे घर पहुंचे तो दोषी भी वहां पंहुच गया। उसके पास मिट्टी का तेल था उसने मृतका से उससे शादी करने के लिए कहा।

मृतका के मना करने पर वह उसने मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी, जिससे मृतका जल गई। पड़ोसियों के पहुंचने पर आरोपी अन्दर से बाहर आया और कहा कुछ नहीं हुआ। मृतका के बेटे प्रियांशु ने अपने पिता को फोन करके घटना की सूचना दी।

पत्नी व उसके बच्चों ने बताया कि पवन मिश्रा ने मिट्टी का तेल डालकर आग लगायी। राजस्व उपनिरीक्षक द्वारा उपजिलाधिकारी से प्रार्थना पत्र मिलने धारा 307 में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई। इलाज के दौरान मृतका की सफदरजंग अस्पताल दिल्ली में मृत्यु हो गयी।

न्यायालय द्वारा अभियोजन के तथ्यों को सही पाते हुए आरोपी को दोषसिद्ध पाया। अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा के साथ ही एक लाख जुर्माने की सजा सुनाई। जिसमें से 90 हजार रुपये का प्रतिकर मृतका के परिजनों मिलेगा।

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