सोमवार को रखें एकादशी का व्रत, जानें इसका महत्‍व

सोमवार यानी आज की रात तक एकादशी रहेगी। सोमवार को एकादशी का व्रत रखें , क्‍या है महत्‍व जानें हम बताते हैं आपको। जो पुण्य सूर्यग्रहण में दान से होता है, उससे कई गुना अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है। जो पुण्य गौ-दान सुवर्ण-दान, अश्वमेघ यज्ञ से होता है, उससे अधिक पुण्य एकादशी के व्रत से होता है ।

प्रसन्नता बरसाते हैं भगवान

एकादशी करने वालों के पितर नीच योनि से मुक्त होते हैं। अपने परिवारवालों पर प्रसन्नता बरसाते हैं। इसलिए यह व्रत करने वालों के घर में सुख-शांति बनी रहती है। धन-धान्य, पुत्रादि की वृद्धि होती है। कीर्ति बढ़ती है, श्रद्धा-भक्ति बढ़ती है, जिससे जीवन रसमय बनता है ।

प्राप्त होती है परमात्मा की प्रसन्नता

पूर्वकाल में राजा नहुष, अंबरीष, राजा गाधी आदि जिन्होंने भी एकादशी का व्रत किया, उन्हें इस पृथ्वी का समस्त ऐश्वर्य प्राप्त हुआ। भगवान शिवजी ने नारद से कहा है : एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं, इसमे कोई संदेह नहीं है। एकादशी के दिन किये हुए व्रत, गौ-दान आदि का अनंत गुना पुण्य होता है ।

आज करें यह कार्य

एकादशी के दिन दिया जलाकर विष्णु सहस्त्र नाम का पाठ करें। अगर विष्णु सहस्त्र नाम का पाठ नहीं कर सकते हैं तो 10 माला गुरु के दिए मंत्र का जप कर लें l अगर घर में झगडे़ होते हों, तो शांत हों जाए ऐसा संकल्प करके विष्णु सहस्त्र नाम पढ़ें तो घर के झगड़े भी शांत होंगे l

ऐसे लोग न रखें व्रत, चावल त्‍यागें

माह में 15-15 दिनों में एकादशी आती है। एकादशी का व्रत पाप और रोगों को स्वाहा कर देता है लेकिन वृद्ध, बालक और बीमार व्यक्ति एकादशी न रख सकेंंतो चावल का तो त्याग करना चाहिए एकादशी के दिन जो चावल खाता है तो धार्मिक ग्रन्थ से एक- एक चावल एक- एक कीड़ा खाने का पाप लगता है।

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