सीबीआई पूछताछ को मनीष सिसोदिया ने बताया षड्यंत्र
दिल्ली: शराब नीति मामले में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से सीबीआई के अधिकारियों ने सोमवार को नौ घंटे से अधिक पूछताछ की। रात करीब पौने नौ बजे जांच एजेंसी के मुख्यालय से बाहर निकलने के बाद सिसोदिया ने पूछताछ को षड्यंत्र बताया। सिसोदिया से पूछताछ के विरोध में आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दोपहर में सीबीआई दफ्तर के बाहर धरना दिया। हालात को देखते हुए पुलिस ने सांसद संजय सिंह समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
ये सवाल किए
अधिकारियों ने बताया कि सिसोदिया से दिल्ली की आबकारी नीति, प्राथमिकी में आरोपी बनाए गए विजय नायर व अन्य लोगों से संबंधों और घर से बरामद दस्तावेजों के बारे में सवाल पूछे गए। मामले में युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस सांसद मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी के बेटे राघव से भी सवाल किए जा रहे हैं।
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सुबह सवा ग्यारह बजे पहुंचे
सिसोदिया सुबह 11:15 बजे सीबीआई मुख्यालय पहुंचे थे। उनसे 11:30 बजे पूछताछ शुरू हुई और बीच में आधे घंटे का उन्हें भोजन अवकाश दिया गया। रात करीब 8:45 बजे उन्हें घर जाने दिया गया।
सिसोदिया का हमला
सीबीआई दफ्तर से अपने घर पहुंचे सिसोदिया ने कहा कि उन पर दर्ज मुकदमा फर्जी है। पार्टी से मुझे अलग करने के लिए यह फर्जी मामले दर्ज कराए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूछताछ के दौरान उन पर पार्टी छोड़ने के लिए भी दबाव बनाया गया। जेल में डालने की धमकी दी गई।
पूछताछ में कोई दबाव नहीं
सीबीआई ने बयान में कहा कि पूछताछ नियमों के अनुसार हुई और कोई दबाव नहीं बनाया गया। उनके बयानों का आकलन किया जा रहा है। दोबारा समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। फिलहाल मंगलवार को उनसे सवाल-जवाब नहीं होंगे।
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा, ‘जेल में बंद एक मंत्री और शराब नीति मामले में आरोपियों से स्वतंत्रता सेनानियों की तुलना कर उनका अपमान किया जा रहा है। आज वे जुलूस निकाल रहे हैं, कल लोग उन्हें सबक सिखाएंगे।’
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘मनीष सिसोदिया को गुजरात चुनाव के नतीजे आने तक जेल में रखने की कोशिश की जा रही है। कुछ लोग नहीं चाहते कि सिसोदिया चुनाव प्रचार करें। जेल के ताले टूटेंगे, मनीष सिसोदिया छूटेंगे।’