मानसून नें बढ़ रहा Influenza-A और COVID-19 जैसे इन्फेक्शन का खतरा

मानसून आते ही रेस्पिरेट्री इन्फेक्शन के मामलों में काफी उछाल आ जाता है, खासकर इन्फ्लुएंजा-ए, कोविड-19 और एच1एन1 के मामलों में। हवा में नमी बढ़ने की वजह से वायरस तेजी से बढ़ते हैं और यही वजह कि इस मौसम में ये इन्फेक्शन तेजी से फैलते हैं।
अक्सर लोग इन्हें मामूली सर्दी-जुकाम समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो बाद में गंभीर रूप ले सकता है। आइए डॉ. प्रदीप बजाद (सीनियर कंसल्टेंट, अमृता हॉस्पिटल, फरीदाबाद) से जानें इनके लक्षण कैसे होते हैं और बचाव के लिए आप क्या कर सकते हैं।
क्यों बढ़ जाता है इन्फेक्शन का खतरा?
सबसे पहले इन्फेक्शन का खतरा बढ़ने की वजह समझना जरूरी है। बारिश के मौसम में हवा में नमी ज्यादा होती है, जो वायरस के पनपने के लिए अनुकूल है। ऐसे में ऑफिस, स्कूल या पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे बंद जगहों पर वेंटिलेशन की कमी के कारण खांसने, छींकने या बात करते समय, ये वायरस तेजी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकते हैं।
किन लक्षणों से सावधान रहना जरूरी है?
इन्फ्लुएंजा-ए, एच1एन और कोविड-19 के लक्षण काफी हद तक एक-दूसरे से मिलते-जुलते होते हैं, जैसे तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में दर्द, बदन दर्द, सिरदर्द, थकान, बंद नाक। कुछ मामलों में उल्टी या डायरिया और सांस लेने में तकलीफ या छाती में भारीपन महसूस होने जैसे लक्षण भी नजर आ सकते हैं।
अगर ये लक्षण 48 घंटे में ठीक न हो, तो खुद से दवा लेने के बजाय, डॉक्टर को दिखाना ज्यादा बेहतर है। समय से टेस्ट करवाकर इलाज शुरू करना जरूरी है, वरना इन्फेक्शन गंभीर रूप भी ले सकता है।
किन्हें है सबसे ज्यादा खतरा?
हालांकि, ये इन्फेक्शन किसी भी व्यक्ति को हो सकते हैं, लेकिन कुछ लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। 60 से ज्यादा उम्र के व्यक्ति, डायबिटीज, क्रोनिक हार्ट, लंग्स, या किसी दूसरी गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज या ऐसे व्यक्ति जो इम्यूनोसप्रेसिव दवाएं ले रहे हैं, को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए और किसी भी लक्षण को मामूली नहीं समझना चाहिए।
इन्फेक्शन से बचाव के लिए क्या करना चाहिए?
इन्फ्लुएंजा-ए और कोविड-19 की वैक्सीन लगवाएं। इन इन्फेक्शन से बचाव में वैक्सीन काफी असरदार है। साथ ही, भीड़भाड़ वाली और बंद जगहों पर मास्क का इस्तेमाल करें। हाइजीन का भी खास ध्यान रखें और अपने हाथों को नियमित रूप से साबुन से धोएं या सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।
अगर कोई व्यक्ति बीमार है या खांस-छींक रहा है, तो उससे दूरी बनाएं और भरपूर मात्रा में फ्लूएड लें और इन्फेक्शन के किसी भी लक्षण को मामूली समझकर अनदेखा न करें।





