यूजीसी कानून के विरोध में दिल्ली की सड़कों पर उतरा सवर्ण समाज, प्रदर्शनकारियों को लिया हिरासत में

प्रदर्शनकारियों ने सरकार से कानून को वापस लेने की मांग की और इसे सवर्ण समाज के हितों के खिलाफ बताया।

यूजीसी कानून के विरोध में रविवार को सवर्ण समाज के लोगों ने जंतर मंतर पर एकजुट होकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर पहुंचे और यूजीसी कानून के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार से कानून को वापस लेने की मांग की और इसे सवर्ण समाज के हितों के खिलाफ बताया। हांलाकि पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थल से हटने के लिए कहा। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शन स्थल को खाली कराया और वहां मौजूद सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया था।

पुलिस के अनुसार, बिना अनुमति बड़ी संख्या में लोगों के जुटने से कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी। प्रदर्शनकारी अनिल मिश्रा ने बताया कि यूजीसी से जुड़ा यह कानून सवर्ण समाज के विकास में बाधा उत्पन्न करेगा। सरकार को इस विषय पर सभी वर्गों से संवाद कर संतुलित निर्णय लेना चाहिए।

उन्होंने बताया कि समाज के युवाओं के भविष्य और शिक्षा के अवसरों को ध्यान में रखते हुए इस कानून पर पुनर्विचार आवश्यक है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाते हुए बताया कि शिक्षा व्यवस्था में समान अवसर मिलना चाहिए और किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए।

उन्होंने सरकार से मांग की कि कानून के प्रावधानों को सार्वजनिक कर व्यापक चर्चा कराई जाए ताकि समाज के सभी वर्गों की चिंताओं का समाधान हो सके। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

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