बांग्लादेश में हिंसक प्रदर्शनों में शामिल लोगों को नहीं मिलेगा दंड, अंतरिम सरकार ने जारी किया अध्यादेश

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने जुलाई 2024 के हिंसक प्रदर्शनों में शामिल लोगों को कानूनी कार्रवाई से छूट देने वाले अध्यादेश को मंजूरी दी है। इन प्रदर्शनों के कारण शेख हसीना की सरकार गिरी और यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी। कानूनी मामलों के मंत्री आसिफ नजरूल ने कहा कि ‘जुलाई के क्रांतिकारियों’ ने लोकतांत्रिक सरकार के गठन के लिए राजनीतिक प्रतिरोध किया था, इसलिए उन्हें यह छूट दी गई है। निजी स्वार्थ के लिए हत्या करने वालों पर कार्रवाई होगी।
बांग्लादेश में मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने जुलाई 2024 में ¨हसक प्रदर्शनों में शामिल लोगों को कानूनी प्रक्रिया से छूट देने के अध्यादेश को स्वीकृति दे दी है। इन प्रदर्शनों के जरिये ही बांग्लादेश में शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार को पांच अगस्त, 2024 को हटाया गया था और उसके बाद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार बनी थी।
अंतरिम सरकार के कानूनी मामलों के प्रभारी मंत्री आसिफ नजरूल ने कहा, जुलाई के क्रांतिकारियों ने राजनीतिक प्रतिरोध के लिए जो कार्य किए उनके लिए उन पर किसी तरह का मुकदमा नहीं चलाया जाएगा। अंतरिम सरकार ने यह निर्णय लेकर जुलाई मास अपराइजिंग प्रोटेक्शन एंड अकाउंटबिलिटी आर्डनेंस जारी किया है।
प्रभारी मंत्री ने क्या कहा?
सरकार ने इस आशय की घोषणा पहले ही कर दी थी और जुलाई के प्रदर्शनों में शामिल लोगों-युवाओं को इस आशय का आश्वासन भी दिया था। नजरूल ने कहा, क्रांतिकारियों ने देश से फासीवादी सरकार हटाकर लोकतांत्रिक सरकार के गठन के लिए राजनीतिक प्रतिरोध किया था इसलिए उन्हें कानूनी मामलों से छूट दी गई है।
प्रभारी मंत्री ने कहा, जुलाई और अगस्त के शुरुआती दिनों में हुई घटनाओं के लिए पुलिस ने जो मुकदमे दर्ज किए होंगे उन्हें वापस लिया जाएगा। साथ ही कोई नया मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। इन क्रांतिकारियों को जुलाई का योद्धा कहा जाएगा। नजरूल ने कहा, देश में कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। जुलाई और अगस्त में जिस भी व्यक्ति ने निजी स्वार्थ के चलते किसी की हत्या की होगी उस पर कानून की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई होगी।





