बिजली विभाग में तैनात आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर जताया आक्रोश
लखनऊ, राजधानी लखनऊ में बिजली विभाग में तैनात आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने एमडी कार्यालय पर गुरुवार को प्रदर्शन किया है। मांगों को लेकर कार्यालय पर जुटे हजारों कर्मचारियों ने मध्यांचल प्रबंधन को कर्मचारियों की समस्याएं बताने के लिए सत्याग्रह का रास्ता चुना है।
दरअसल, उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के सहयोगी निगम, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड गोखले मार्ग लखनऊ के कार्यक्षेत्र में मानक से कम कर्मचारियों को तैनात कर कार्य कराने, पूर्व से तैनात कर्मचारियों की कुल संख्या के लगभग 40ः भाग के बराबर कर्मचारियों की छटनी करने, 55 वर्ष का हवाला देकर कर्मचारियों को कार्य से हटाने, मध्यांचल प्रबंधन द्वारा पूर्व में हुए समझौते का पालन न करने, मानक के अनुरूप सुरक्षा उपकरण न देने, 8 घंटे 26 दिन के स्थान पर 12 घंटे 30 दिन कार्य कराने, कार्य के दौरान बिजली की चपेट में आने या खंभे से नीचे गिरकर घायल हुए कर्मचारियों का कैशलेस उपचार न कराने, उचित उपचार के अभाव में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की मृत्यु होने, दुर्घटना के शिकार कर्मचारियों द्वारा उपचार में व्यय की गई धनराशि को संविदाकारों के बिल से काटकर भुगतान न करने, ईपीएफ घोटाले की जांच न कराने, 17 जनवरी 2025 को संगठन पदाधिकारियों व मध्यांचल प्रबंधन के बीच बनी सहमति के कार्यवृत्त में हेराफेरी करने के कारण आउटसोर्सिंग कर्मचारी एकजुट होकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदाध्संविदा कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री देवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया है कि मध्यांचल प्रबंधन को बिजली के आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याएं बताने के लिए संगठन ने प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत 5 फरवरी को मध्यांचल के अंतर्गत आने वाले जनपदों में विरोध सभा की है। वहीं आज यानी 6 फरवरी 2025 को प्रबंध निदेशक मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड कार्यालय पर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया है।